सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का लिया संज्ञान, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई
वनमंडलाधिकारी श्री अरविंद पी.एम. के निर्देशन, उप वनमंडलाधिकारी घरघोड़ा श्री आशुतोष मांडवा के मार्गदर्शन तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री विक्रांत कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर वीडियो की गहन जांच की। तकनीकी एवं मैदानी जांच के आधार पर मनमोहन राठिया एवं करम सिंह राठिया की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। दोनों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 2(16), 9, 51 एवं 52 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

डीएफओ की अपील: हाथियों से दूरी ही सबसे बड़ी सुरक्षा
वनमंडलाधिकारी श्री अरविंद पी.एम. ने कहा कि जंगल से लगे क्षेत्रों में हाथियों की उपस्थिति की सूचना मिलने पर लोग किसी भी परिस्थिति में उनके नजदीक न जाएं। मोबाइल से वीडियो या रील बनाने के लिए हाथियों के करीब जाना अत्यंत खतरनाक हो सकता है। हाथियों को पत्थर मारना, पटाखे फोड़कर डराना, उनका पीछा करना अथवा किसी भी प्रकार से उन्हें उकसाना गैर-जमानती एवं दंडनीय अपराध है। ऐसे कृत्य न केवल वन्यजीव संरक्षण कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि मानव-हाथी संघर्ष को भी बढ़ावा देते हैं, जिससे जनहानि की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि हाथियों के दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें और विभागीय दल के निर्देशों का पालन करें। वन्यजीवों को उकसाने, प्रताड़ित करने या भीड़ एकत्र कर उन्हें घेरने जैसी घटनाओं को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।