
सारंगढ़-बिलाईगढ़। पेट्रोल पंप से सामने आई एक तस्वीर ने पेट्रोल पंपों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। तस्वीर में बाइक में पेट्रोल भरने के साथ ही एक पीले रंग के प्लास्टिक डिब्बे में भी पेट्रोल भरा जाता दिखाई दे रहा है। अब सवाल उठ रहा है कि क्या पेट्रोल पंपों पर सुरक्षा नियम सिर्फ कागजों तक सीमित हैं?
पेट्रोल अत्यंत ज्वलनशील पदार्थ है और थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी आगजनी का कारण बन सकती है। ऐसे में खुले तौर पर प्लास्टिक के डिब्बे में पेट्रोल भरते दिखाई देना चिंता का विषय है। यदि संबंधित डिब्बा पेट्रोल रखने के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है, तो मामला और भी गंभीर हो सकता है।
पेट्रोल चोरी या अनियमित बिक्री की भी आशंका?
तस्वीर सामने आने के बाद पेट्रोल की बिक्री और वितरण को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों के बीच यह चर्चा है कि कहीं डिब्बों में पेट्रोल देने की आड़ में पेट्रोल की चोरी, कम मात्रा में बिक्री या रिकॉर्ड से बाहर ईंधन देने जैसी कोई अनियमितता तो नहीं हो रही? हालांकि, इन आशंकाओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।
ऐसे में संबंधित विभाग को पेट्रोल पंप के स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रिकॉर्ड, मशीन रीडिंग और उपलब्ध पेट्रोल की वास्तविक मात्रा की जांच करनी चाहिए, ताकि यदि किसी प्रकार की चोरी या गड़बड़ी हो रही है तो उसका खुलासा हो सके।
तस्वीर वायरल, जिम्मेदार अधिकारी मौन क्यों?
तस्वीर सामने आने के बाद लोगों के बीच चर्चा तेज है। सवाल यह भी है कि पेट्रोल पंप पर मौजूद कर्मचारियों को सुरक्षा नियमों की जानकारी नहीं है या फिर नियमों की अनदेखी की जा रही है? क्या संबंधित विभाग के अधिकारी नियमित रूप से पेट्रोल पंपों की जांच करते हैं?
कहीं बड़ी दुर्घटना को न्योता तो नहीं?
पेट्रोल जैसे ज्वलनशील पदार्थ को निर्धारित सुरक्षा मानकों के विपरीत कंटेनर में भरना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि नियमों का उल्लंघन या पेट्रोल चोरी/अनियमित बिक्री प्रमाणित होती है तो जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
नोट: पेट्रोल चोरी या अनियमित बिक्री का आरोप फिलहाल जांच का विषय है। इसकी पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी।