सारंगढ़। टेंगनापाली स्थित करसन पटेल की आरा मिल एक बार फिर विवादों में है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि आरा मिल में कथित रूप से बिना वैध अनुमति बड़ी मात्रा में लकड़ी की चिराई की जा रही है। मिल के बाहर भारी संख्या में लकड़ियों के लट्ठे पड़े होने से लोगों ने उनके स्रोत और वैधता पर सवाल उठाए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग आरा मिल में रखी लकड़ियों के ट्रांजिट पास, अभिलेख और चिराई संबंधी दस्तावेजों की जांच करे तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है। लोगों का आरोप है कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की आशंका जताई जा रही है।

स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि करसन पटेल की आरा मिल की तत्काल जांच कराई जाए। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन या अवैध लकड़ी की चिराई सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
करसन पटेल की आरा मिल के बाहर भारी मात्रा में लकड़ियों का भंडारण, ग्रामीणों ने उठाए सवाल, जांच की मांग
आरा मिल के बाहर बड़ी संख्या में लकड़ियों के लट्ठे खुले में पड़े होने से स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि लकड़ियों के स्रोत, परिवहन अनुमति और भंडारण की वैधता की जांच वन विभाग द्वारा कराई जानी चाहिए।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यदि आरा मिल में रखी गई लकड़ियों के दस्तावेज़, ट्रांजिट पास और अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच की जाए तो स्थिति स्पष्ट हो सकती है। लोगों ने यह भी कहा कि यदि सब कुछ नियमों के अनुरूप है तो संबंधित दस्तावेज़ सार्वजनिक किए जाएं, जिससे किसी प्रकार की शंका न रहे।
ग्रामीणों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि आरा मिल का निरीक्षण कर लकड़ियों के भंडारण एवं संबंधित दस्तावेज़ों की जांच की जाए। यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए, वहीं यदि सब कुछ वैध पाया जाता है तो इसकी भी आधिकारिक जानकारी दी जाए।