कथारा। डीएवी पब्लिक स्कूल सीसीएल कथारा में एनसीसी आर्मी विंग के कैडेट्स के लिए 7 अगस्त को विशेष ड्रिल एवं प्रशिक्षण कक्षाओं का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक परेड, ड्रिल एवं शारीरिक अभ्यास में हिस्सा लिया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, शारीरिक दक्षता और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करना रहा।




इस अवसर पर एनसीसी 22वीं बटालियन, हजारीबाग के पेटी ऑफिसर दिनेश कुमार ने कैडेट्स को परेड एवं ड्रिल का अभ्यास करवाया। उन्होंने विद्यार्थियों को एनसीसी के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराते हुए सशस्त्र बलों, सैन्य कौशल, आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन परिस्थितियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
उन्होंने कहा कि एनसीसी केवल परेड और शारीरिक प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण और नेतृत्व क्षमता को निखारने का महत्वपूर्ण माध्यम है। एनसीसी के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मनिर्भरता, निर्णय लेने की क्षमता, टीम भावना और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित होती है।
उन्होंने कैडेट्स को किसी भी परिस्थिति में धैर्य और साहस बनाए रखने तथा जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही टीम भावना के साथ कार्य करने और समय का सदुपयोग करने पर भी जोर दिया।
नियमित प्रशिक्षण से निखरता है व्यक्तित्व
एनसीसी आर्मी विंग के सीटीओ एवं विद्यालय के शारीरिक शिक्षा शिक्षक शिव प्रकाश सिंह की प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रमुख भूमिका रही। उन्होंने कैडेट्स की विशेष कक्षाएं लेते हुए परेड, अनुशासन, शारीरिक प्रशिक्षण एवं एनसीसी से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि नियमित अभ्यास से कैडेट्स में शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक मजबूती भी आती है। एनसीसी प्रशिक्षण विद्यार्थियों को चुनौतियों का सामना करने, कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने और समूह के साथ मिलकर जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार करता है।
विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करना जरूरी
विद्यालय के प्राचार्य सह झारखंड जोन-आई के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ. जी. एन. खान ने विशेष एनसीसी प्रशिक्षण को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि एनसीसी विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, साहस, राष्ट्रप्रेम और सेवा-भाव विकसित करने का प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही देश के भविष्य के नेतृत्वकर्ता हैं। ऐसे प्रशिक्षण के माध्यम से उनमें निर्णय लेने की क्षमता, टीम के साथ काम करने की भावना और कठिन परिस्थितियों का सामना करने का आत्मविश्वास विकसित होता है। उन्होंने सभी कैडेट्स को पूरे उत्साह, अनुशासन और समर्पण के साथ एनसीसी की गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
आपदा प्रबंधन की भी मिली व्यावहारिक जानकारी
विशेष प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को प्राकृतिक आपदा, दुर्घटना एवं अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में सजगता, प्राथमिक प्रतिक्रिया, टीमवर्क और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की जानकारी दी गई। कैडेट्स को यह समझाया गया कि आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय संयम रखते हुए उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग करना चाहिए।
राष्ट्रसेवा के लिए तैयार हो रहे युवा
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कैडेट्स में खासा उत्साह देखने को मिला। ड्रिल एवं परेड के अभ्यास के साथ विद्यार्थियों ने अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। एनसीसी प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश भी दिया गया कि राष्ट्रसेवा केवल सीमा पर जाकर ही नहीं, बल्कि समाज में जिम्मेदार नागरिक बनकर भी की जा सकती है।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के नियमित प्रशिक्षण से विद्यार्थियों में राष्ट्रसेवा के प्रति सकारात्मक सोच, सामाजिक जिम्मेदारी और सहयोग की भावना मजबूत होती है। एनसीसी कैडेट्स को भविष्य में समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने के लिए प्रेरित करता है।
विद्यालय प्रबंधन ने प्रशिक्षण को सफल बनाने में सहयोग देने वाले एनसीसी अधिकारियों, प्रशिक्षकों एवं सभी कैडेट्स के प्रति आभार व्यक्त किया।