कोयला छापेमारी के बाद भारी बवाल, युवक की पिटाई के आरोप और CISF गाड़ी पर हमला बेरमो के चार नंबर क्षेत्र में कोयला चोरी रोकने के लिए की गई कार्रवाई के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। एक ओर जहां घायल युवक और उसके परिजनों ने CISF पर बेरहमी से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है, वहीं दूसरी ओर CISF ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।


बेरमो।घटना का मुख्य घटनाक्रम
छापेमारी और विवाद: क्षेत्र में कोयला चोरी रोकने के उद्देश्य से की गई कार्रवाई के दौरान अचानक स्थिति बिगड़ गई।
युवक के गंभीर आरोप: घायल युवक और उसके परिजनों का दावा है कि CISF के जवानों ने उसके साथ अत्यधिक बर्बरता और मारपीट की।
वाहन पर हमला: कार्रवाई का विरोध कर रहे कुछ उपद्रवियों ने आक्रोशित होकर CISF की सरकारी गाड़ी पर हमला कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया।
CISF का आधिकारिक पक्ष
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए CISF कमांडेंट (अतिरिक्त प्रभार) आशुतोष चौधरी ने स्पष्ट किया है कि जवानों द्वारा किसी प्रकार की मारपीट नहीं की गई है। उनका कहना है कि विधिवत कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने इसका विरोध किया और सरकारी वाहन को निशाना बनाया।
अस्पताल में हंगामा और सुरक्षा व्यवस्थाअस्पताल में भर्ती: घटना के तुरंत बाद घायल युवक को इलाज के लिए CCL ढोरी केंद्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।तनावपूर्ण माहौल: अस्पताल परिसर में परिजनों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के जुटने के कारण माहौल तनावपूर्ण हो गया।
बढ़ाई गई सुरक्षा: स्थिति को नियंत्रित रखने और सुरक्षा के मद्देनज़र अस्पताल परिसर में अतिरिक्त CISF बल को तैनात किया गया है।पुलिस जांच जारी घटना की सूचना मिलते ही बेरमो पुलिस मामले की तहकीकात में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गहन जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि किन परिस्थितियों में यह विवाद हुआ और आरोप -प्रत्यारोप में कितनी सच्चाई है।