रायपुर/सारंगढ़। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में सारंगढ़ विधानसभा की विधायक श्रीमती उत्तरी गनपत जांगड़े ने नवगठित सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में चिकित्सा शिक्षा संस्थानों की कमी का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने लोक स्वास्थ्य मंत्री से पूछा कि सारंगढ़ एवं बरमकेला विकासखंड में मेडिकल कॉलेज, डेंटल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज और फिजियोथेरेपी कॉलेज की क्या स्थिति है तथा भविष्य में इन्हें स्थापित करने की सरकार की क्या योजना है।
लोक स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सदन में जवाब देते हुए बताया कि सारंगढ़ एवं बरमकेला विकासखंड में वर्तमान में मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग अथवा फिजियोथेरेपी कॉलेज संचालित नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के अंतर्गत सरिया में एक नवीन नर्सिंग कॉलेज प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त जिले में अन्य किसी चिकित्सा शिक्षण संस्थान की स्थापना का फिलहाल कोई प्रस्ताव शासन के विचाराधीन नहीं है।
हालांकि मंत्री के जवाब को लेकर चर्चा भी हुई। इसमें सरिया का उल्लेख विकासखंड के रूप में किया गया, जबकि विधायक की ओर से प्रश्न सारंगढ़ और बरमकेला विकासखंड से संबंधित था। इस मुद्दे पर क्षेत्र में यह चर्चा है कि सारंगढ़ और बरमकेला क्षेत्र को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिल रही है।
विधायक उत्तरी गनपत जांगड़े ने कहा कि जिले के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के लिए रायगढ़, बिलासपुर, रायपुर सहित अन्य शहरों में जाना पड़ता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। उन्होंने सरकार से जिले में मेडिकल एवं अन्य स्वास्थ्य शिक्षा संस्थानों की स्थापना के लिए ठोस पहल करने की मांग की।
क्षेत्र के नागरिकों का भी मानना है कि तेजी से बढ़ती आबादी और स्वास्थ्य सुविधाओं की बढ़ती जरूरत को देखते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में मेडिकल कॉलेज, डेंटल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज और फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना समय की मांग है। इससे स्थानीय युवाओं को बेहतर शिक्षा के अवसर मिलने के साथ-साथ जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था भी मजबूत होगी।
विधानसभा में उठा सारंगढ़-बिलाईगढ़ में मेडिकल कॉलेज का मुद्दा, सरकार ने कहा– फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं