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October 30, 2026 1:15 pm

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रबी सीजन 2026-27 में खाद खरीदने की व्यवस्था होगी डिजिटल, FFS ऐप से टोकन लेकर किसान खरीद सकेंगे उर्वरक

सारंगढ़-बिलाईगढ़ में FFS प्रणाली लागू करने की तैयारी, कृषि विभाग के अधिकारियों और प्रगतिशील किसानों को दिया गया प्रशिक्षण

सारंगढ़-बिलाईगढ़। रबी वर्ष 2026-27 में किसानों को रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा खाद वितरण व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल्स (Framework for Fertilizer Sales–FFS) प्रणाली शुरू की जा रही है। इस व्यवस्था के तहत किसान मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर अपनी आवश्यकता के अनुसार नजदीकी उर्वरक विक्रय केंद्र से खाद खरीद सकेंगे। किसानों को इस नई व्यवस्था की जानकारी देने और इसके सुचारू क्रियान्वयन के लिए कृषि विभाग द्वारा तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

इसी कड़ी में 8 अक्टूबर 2026 को संचालनालय कृषि, छत्तीसगढ़, रायपुर द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से FFS प्रणाली के संबंध में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य जिले में रबी सीजन 2026-27 के दौरान नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करना और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को इसकी कार्यप्रणाली से अवगत कराना था।

अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दी गई तकनीकी जानकारी

प्रशिक्षण कार्यक्रम में कार्यालय उप संचालक कृषि, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ से श्री आशुतोष श्रीवास्तव, उप संचालक कृषि, नोडल अधिकारी के रूप में उपस्थित रहे। वहीं श्री जयप्रकाश गुप्ता, कृषि विकास अधिकारी तथा श्री लोकेश्वर देवांगन, सहकारिता विस्तार अधिकारी ने मास्टर ट्रेनर के रूप में सहभागिता की।

प्रशिक्षण के प्रथम चरण में संचालनालय कृषि, छत्तीसगढ़, रायपुर द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से FFS प्रणाली की कार्यप्रणाली, तकनीकी प्रक्रियाओं और क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें जिले के संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के साथ विकासखंड स्तर पर पदस्थ वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों ने भी भाग लिया।

कार्यक्रम में श्री उमेश कुमार साहू, कृषि विकास अधिकारी, श्री संतोष पैकरा एवं श्री बोधराम सतनामी सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अलावा मार्कफेड से जिला विपणन अधिकारी (DMO) के प्रतिनिधि के रूप में संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों ने भी प्रशिक्षण में हिस्सा लिया।

प्रगतिशील किसानों को भी किया गया शामिल

नई प्रणाली की जानकारी सीधे किसानों तक पहुंचाने और मोबाइल ऐप के माध्यम से खाद खरीदने की प्रक्रिया को समझाने के उद्देश्य से दो प्रगतिशील किसानों—सारंगढ़ के श्री खीरसागर पटेल तथा बरमकेला के श्री मुकेश चौधरी—को भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान FFS ऐप के उपयोग, कृषक पंजीयन, टोकन निर्माण, उर्वरक का चयन, वितरण तथा उर्वरक विक्रय की प्रक्रिया से जुड़े तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

मैदानी स्तर पर किसानों को किया जाएगा जागरूक

जिले में FFS प्रणाली के सुचारू संचालन के लिए चयनित मास्टर ट्रेनरों के माध्यम से कृषि विभाग के मैदानी अमले और किसानों को विभिन्न चरणों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं सहकारिता विभाग अपने मैदानी कर्मचारियों को इस व्यवस्था की जानकारी देकर आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करेगा।

इसके साथ ही स्थानीय समाचार पत्रों, मीडिया, पर्चों (लीफलेट), बैनर और पोस्टर के माध्यम से भी नई व्यवस्था का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसान FFS प्रणाली से परिचित हो सकें और इसका लाभ उठा सकें।

मोबाइल ऐप से खाद खरीदने की प्रक्रिया होगी आसान

FFS प्रणाली के लागू होने से किसानों को उर्वरक खरीदने की प्रक्रिया के संबंध में नई डिजिटल सुविधा उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है। इसके तहत किसान मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपने नजदीकी विक्रय केंद्र से खाद खरीद सकेंगे।

कृषि विभाग का प्रयास है कि रबी सीजन 2026-27 में इस व्यवस्था का क्रियान्वयन सुचारू रूप से हो तथा किसानों को नई प्रणाली के उपयोग में किसी प्रकार की परेशानी न आए। इसके लिए प्रशिक्षण, जागरूकता और मैदानी स्तर पर आवश्यक तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।